कॉर्पोरेट एक्शनपाठ 3 (कुल 6)शुरुआती

बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट

बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट, दो ऐसे कदम, जिनसे आपके शेयरों की संख्या बढ़ती है, पर आपके असल मालिकाना हक में कुछ नहीं बदलता। जानें इनमें फर्क क्या है, और कंपनियाँ ऐसा करती ही क्यों हैं।

पढ़ने का समय
4 मिनट
पिछली समीक्षा
समीक्षा:

यह पाठ पढ़ने के लिए साइन इन करें

हर मॉड्यूल का पहला पाठ आप मुफ्त में पढ़ सकते हैं। यह पाठ फुल एक्सेस का हिस्सा है: हर मॉड्यूल का हर पाठ, एक बार के ₹139 में।

फुल एक्सेस पहले ही खरीद चुके हैं? साइन इन करें, यह पाठ खुल जाएगा।

इस पाठ में

  1. बोनस इश्यू
  2. स्टॉक स्प्लिट
  3. फर्क, एक टेबल में
  4. कंपनियाँ ऐसा क्यों करती हैं
  5. आपके अकाउंट में असल में क्या होता है
  6. दो व्यावहारिक असर
  7. रिवर्स स्प्लिट (कंसोलिडेशन)

इस मॉड्यूल का मुफ्त पाठ: कॉर्पोरेट एक्शन, एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेटसभी पाठ देखें